स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद ने भव्य रूप से मनाया 'सनातनी संकल्प दिवस'
RHRP celebrates Sanatani Sankalp Diwas on Foundation Day
© RHRP.INलखनऊ। राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में 'सनातनी संकल्प दिवस' का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संत-महात्माओं, गणमान्य अतिथियों तथा राष्ट्रीय से लेकर वार्ड स्तर तक के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति का संरक्षण, हिन्दू समाज में जागरूकता, सामाजिक एकता तथा संगठन विस्तार रहा। परिषद के राष्ट्रीय महासचिव श्री मुकेश सनातनी ने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी जागरूकता और संगठनात्मक मज़बूती होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संस्कृति, संस्कार और सामाजिक समरसता का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने तथा सेवा, सहयोग, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। इसी अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सनातनी का जन्मदिवस भी धूमधाम से मनाया गया। उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं। अपने संबोधन में डॉ. राकेश कुमार सनातनी ने कहा कि राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, एकता, सेवा, सुरक्षा और संस्कारों को मज़बूत करने का एक संकल्प है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर से वार्ड स्तर तक संगठन को और सशक्त बनाने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने तथा युवा शक्ति, नारी शक्ति और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता बढ़ाने पर बल दिया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए बच्चों ने अपनी प्रतिभा एवं कला का शानदार प्रदर्शन किया। सीतापुर से आए बच्चों द्वारा 'मिशन सिंदूर' पर आधारित विशेष प्रस्तुति तथा सरस्वती वंदना ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर संगठन के आगामी कार्यक्रमों एवं विस्तार योजनाओं पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सनातनी, राष्ट्रीय महासचिव श्री मुकेश सनातनी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मनीष सनातनी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुश्री साधना सनातनी, प्रदेश प्रभारी श्री प्रवेश कुमार सनातनी, प्रदेश संयोजक श्री कुलदीप सनातनी, अवध प्रांत अध्यक्ष श्री शशि भूषण सनातनी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में सभी ने सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता, राष्ट्रहित एवं समाज सेवा के प्रति निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण एवं विशाल भंडारे के साथ हुआ।